लखनऊ
एलडीए ने महानगर, जानकीपुरम व गुड़म्बा में 03 अवैध निर्माण सील किये।

एलडीए ने महानगर, जानकीपुरम व गुड़म्बा में 03 अवैध निर्माण सील किये।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-5 की टीम ने की कार्यवाही।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के क्रम में शनिवार को प्रवर्तन जोन-5 की टीम ने महानगर, जानकीपुरम व गुड़म्बा क्षेत्र में कार्यवाही की।

इस दौरान प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराये बिना किये जा रहे 03 अवैध निर्माणों को सील किया गया।

प्रवर्तन जोन-5 के जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह ने बताया कि मो० अजहर खान व अन्य द्वारा महानगर के रहीमनगर में टुण्डे कबाब रेस्त्रां के सामने लगभग 120 वर्गमीटर क्षेत्रफल में व्यावसायिक गतिविधि हेतु लोअर ग्राउंड व अपर ग्राउंड फ्लोर तक निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इसी तरह जे०एस० मिश्रा व अन्य द्वारा जानकीपुरम के सेक्टर-जे में भूखण्ड

संख्या-1/7 पर लगभग 3200 वर्गफिट क्षेत्रफल में बेसमेंट समेत 04 मंजिला भवन का निर्माण कराया जा रहा था। इसके अलावा सुनील शर्मा व अन्य द्वारा गुड़म्बा में बहादुरपुर मैकालय रोड पर यूनिटी चौराहे से पहले लगभग 180 वर्गमीटर क्षेत्रफल के भूखण्ड पर भूतल, प्रथम तल, द्वितीय तल व तृतीय तल तक भवन का निर्माण कराया जा रहा था।
प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराये बिना किये जा रहे उक्त तीनों निर्माण कार्यों के विरूद्ध विहित न्यायालय द्वारा वाद योजित करते हुए सीलिंग के आदेश पारित किये गये थे। जिसके अनुपालन में सहायक अभियंता शिवा सिंह के नेतृत्व में अवर अभियंता इम्तियाज अहमद व शिवकुंवर द्वारा प्राधिकरण पुलिस व स्थानीय थाने के पुलिस बल के सहयोग से प्रश्नगत स्थलों को सील कर दिया गया।
50 दिन से लंबित फाइल 15 मिनट में हुयी निस्तारित, ‘सिंगल टेबल क्लीयरेंस डे’ पर 106 प्रकरणों का समाधान।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर पारिजात सभागार में किया गया ‘सिंगल टेबल क्लीयरेंस डे’ का आयोजन किया गया।

एक ही पटल पर समस्त अनुभागों के अधिकारियों की उपस्थिति से 106 फाइलों का मौके पर हुआ निस्तारण किया गया।

लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर शनिवार को प्राधिकरण में ‘सिंगल टेबल क्लीयरेंस डे’ का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत समस्त अनुभागों के अधिकारी व कर्मचारी फाइलों के साथ मीटिंग हॉल में उपस्थित हुए। कार्यवाही के दौरान विभिन्न प्रकरणों से सम्बंधित कुल 106 फाइलों का निस्तारण किया गया।
एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देशानुसार प्राधिकरण में लंबित फाइलों के निस्तारण के लिए शनिवार को सिंगल टेबल क्लीयरेंस डे का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत समस्त विशेष कार्याधिकारी, सहायक लेखाधिकारी, अनुभाग अधिकारी, लिपिक व अभियंता गण अपने अनुभाग की लंबित फाइलों के साथ सुबह 10:30 बजे मीटिंग हॉल में उपस्थित हुए। इस दौरान उपाध्यक्ष महोदय द्वारा स्वयं लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गयी तथा फाइलों पर तुरंत निर्णय लेते हुए कार्यवाही सम्पादित करायी गयी। इसमें प्रकाश वीर द्वारा निशातगंज स्थित पेपरमिल कालोनी के भवन संख्या-एच-286 की रजिस्ट्री के सम्बंध में 30 सितम्बर, 2024 को आवेदन किया गया था। जिसकी फाइल सम्पत्ति की गणना न होने के चलते 50 दिन से अधिक समय से लंबित थी। उपाध्यक्ष के निर्देश पर 15 मिनट में सम्पत्ति की गणना की कार्यवाही सम्पादित कराकर निबंधन के लिए फाइल तैयार करवायी गयी। इसी तरह गोमती नगर योजना के व्योम खण्ड के आवंटी मेजर बी०एस० श्रीवास्तव द्वारा भूखण्ड समायोजन के सम्बंध में प्रार्थना पत्र दिया गया था, जोकि लगभग दो महीने से लंबित था। उपाध्यक्ष ने प्रकरण में ‘पहले आओ पहले पाओ’ योजना के अंतर्गत फ्लैट समायोजित कराने का निर्णय लेते हुए आवंटी को सूचना प्रेषित करवायी।
इन प्रकरणों का हुआ निस्तारण।
सिंगल टेबल क्लीयरेंस डे पर प्रस्तुत की गयी सभी लंबित फाइलों पर शत प्रतिशत कार्यवाही करते हुए कुल 106 फाइलों का निस्तारण किया गया। इसके अंतर्गत रिफंड के 19, रजिस्ट्री के 22, फ्री होल्ड के 12 व नामांतरण की 53 पत्रावलियों का निस्तारण किया गया।
हाजिरी के लिए लगी नयी बायोमेट्रिक मशीन।
एलडीए में अधिकारियों व कर्मचारियों की हाजिरी अब ऑटोमेटेड फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम से होगी। इसके लिए शनिवार को कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर नयी बायोमेट्रिक मशीन लगा दी गयी है। अधिष्ठान के प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि उपाध्यक्ष महोदय के निर्देशानुसार नयी अत्याधुनिक मशीनें लगवायी गयी हैं। यह मशीन चेहरे से कर्मचारी की पहचान करके सम्बंधित की हाजिरी दर्ज कर लेगी। इस क्रम में सभी कर्मचारियों को मशीन में अपने चेहरे की पहचान व आईडी अंकित करने के आदेश जारी किये गये हैं। अब से नयी मशीन से प्राप्त होने वाले उपस्थिति के रिकॉर्ड के आधार पर ही वेतन आहरित किया जाएगा।



