जिलाधिकारी विशाख जी0 ने उद्यमियों की समस्याओं के दृष्टिगत अमौसी इण्डस्ट्रियल एरिया का निरीक्षण किया।

जिलाधिकारी विशाख जी0 ने उद्यमियों की समस्याओं के दृष्टिगत अमौसी इण्डस्ट्रियल एरिया का निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने अमौसी इण्डस्ट्रियल एरिया के जल निकासी की स्थायी निदान हेतु जल निगम एवं यूपीसीडा को निर्देश दिये।
यूपीसीडा के माध्यम से अमौसी इण्डस्ट्रियल एरिया के अन्तर्गत मार्ग का होगा चौड़ीकरण।
सर्वप्रथम अमौसी इण्डस्ट्रियल एरिया के अन्तर्गत यूपीसीडा के माध्यम से प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण कार्य के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं के सम्बन्ध में यूपीसीडा के अधिकारियों एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों तथा औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में निरीक्षण किया गया। यूपीसीडा द्वारा औद्योगिक क्षेत्रान्तर्गत स्वीकृत सड़क चौड़ीकरण कार्य विद्युत विभाग के यूटीलिटी शिफ्टिंग का कार्य वर्तमान में लम्बित है। निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिशासी अभियन्ता, विद्युत, कानपुर रोड एवं यूपीसीडा के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जो मुख्य मार्ग, जिसकी लम्बाई 800 मी0 है, में जिन स्थानों पर यूटीलिटी शिफ्टिंग किया जाना है, उसके सम्बन्ध में 3 दिन के भीतीर संयुक्त निरीक्षण करते हुए प्राक्कलन तैयार कर लिया जाए, जिससे दिनांक 17.04.2025 तक प्रत्येक दशा में उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यूपीसीडा के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन स्थानों पर यूटीलिटी शिफ्टिंग नहीं किया जाना है या मात्र पोल की शिफ्टिंग किया जाना है, वहाँ पोल की शिफ्टिंग करते हुए सड़क चौड़ीकरण का कार्य प्रारम्भ किया जाए। यूपीसीडा के अधिकारियों के द्वारा अवगत कराया गया कि जिन स्थानों में अण्डरग्राउण्ड यूटीलिटी मौजूद है, वहाँ इण्डस्ट्रियल ग्रेड इण्टरलॉकिंग के माध्यम से सड़क चौड़ीकरण कराया जाए, ताकि भूमिगत यूटीलिटी बाधित न हो।
औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों द्वारा परिसर के अन्दर जल भराव की समस्या के सन्दर्भ में की गयी शिकायत के सम्बन्ध में यूपीसीडा द्वारा यह बताया गया कि सड़क चौड़ीकरण के साथ ही फुटपाथ व ड्रेन का प्रबन्ध किया गया है। जल भराव की समस्या के सम्बन्ध में मुम्बई आई0आई0टी0 की टीम द्वारा भी निरीक्षण किया जा रहा है। यूपीसीडा के अधिकारियों को जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि आई0आई0टी0 टीम के साथ समन्वय स्थापित कर अधिशासी अभियन्ता, जल निगम के माध्यम से जल भराव की समस्या का स्थायी निदान सुनिश्चित कराये जाने हेतु कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसमें औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ इससे सटी हुयी आबादी क्षेत्र में भी पानी के इकट्ठा होने से रोका जा सके और औद्योगिक क्षेत्र के अन्तर्गत भी जल भराव न हो।
उपस्थित औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों, सीपेट के पदाधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि औद्योगिक क्षेत्र के अन्तर्गत कूड़ा निस्तारण का समुचित प्रबन्ध नहीं हो पा रहा है। इस सम्बन्ध में यूपीसीडा के अधिकारियों द्वारा यह अवगत कराया गया कि कूड़ा निस्तारण हेतु फैसिलटी मैनेजमेंट की टेण्डर प्रक्रिया करायी जा रही है। जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि टेण्डर प्रक्रिया पूर्ण होने तक क्षेत्र में कूड़ा उठान की यूपीसीडा द्वारा व्यवस्था की जाए। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में जहां-जहां प्रकाश व्यवस्था नहीं है, वहां-वहां लाइट्स बदल दी जाएं और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।



