लखनऊ

नौ अगस्त को प्रान्तव्यापी सत्याग्रह करेंगे विद्युत संविदा कर्मी।

नौ अगस्त को प्रान्तव्यापी सत्याग्रह करेंगे विद्युत संविदा कर्मी।

लखनऊ ।विद्युत मज़दूर संगठन एवं विद्युत संविदा मज़दूर संगठन की एक संयुक्त बैठक ने रविवार को सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। विद्युत मज़दूर संगठन पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष अरुण कुमार ने कर्मचारियों की मांगों के नजरंदाज किए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। लखनऊ के केंद्रीय कार्यालय में हुई बैठक में नौ अगस्त को प्रांतव्यापी सत्याग्रह करने का निर्णय किया गया है। इससे पूर्व बीते महीने संगठन पधाधिकारी ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से मुलाकात कर कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत करा चुके हैं

केंद्रीय कार्यालय में हुई बैठक में आये कर्मचारी नेताओं को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष वरिष्ठ मज़दूर नेता आर एस राय ने चेतावनी देते हुए कहा की कर्मचारियो के भविष्य के खिलाफ कोई भी आदेश बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंध निदेशक पंकज कुमार एवं अन्य अधिकारियों तथा महासंघ के पदाधिकारियों की ऊर्जा निगमों के अध्यक्ष आशीष कुमार गोयल की अध्यक्षता मे 11 मार्च को बैठक में कई मुद्दों पर सहमति बन गई थी। लेकिन बैठक में कुछ मॉगो पर बनी सहमति के बाद भी आदेश जारी नहीं किए गए। जिससे कर्मचारियों में खासा रोष है। मजबूरन अब प्रदेश के हर ज़िले में संविदा कर्मियों द्वारा 9 अगस्त को सत्याग्रह करके चेयरमैन को ज्ञापन भेजा जाएगा।

*संविदा कर्मियों का 10 लाख का बीमा कराए बिजली विभाग*

महासंघ के अध्यक्ष वरिष्ठ मज़दूर नेता आर एस राय ने संविदा कर्मियों की आकस्मिक मृत्यु के बाद आर्थिक सहायता हेतु 10 लाख का बीमा कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा की इसका आदेश तुरंत जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि
आउट सोर्स एस एस ओ को हटाकर पूर्व सैनिकों को नियुक्त किए जाने का आदेश वापस लिया जाना चाहिए।

*तीन साल में संविदा कर्मियों के तबादले का आदेश कर्मचारी विरोधी*

महासंघ के अध्यक्ष आरएस राय ने कहा कि बिजली घरों और लाइनों पर कार्यरत संविदा कर्मियों को मात्र तीन वर्ष बाद स्थानांतरित किए जाने एक आदेश कर्मचारी विरोधी है। उन्होंने चेयरमैन के निर्देश का ज़िक्र करते हुए कह कि संविदा कर्मियों के लिए नौ दस हज़ार रुपये मे परिवार के खर्च सहित नए आवास की व्यवस्था कर पाना मुश्किल है। ऐसे में उनकी कठिनाई को भी समझना होगा। नई लाइनों के मेटिनेंस में उन्होंने व्यवहारिक तकनीकी कारणों को देखते हुए शिकायतों के मामलों को छोड़कर अन्य संविदा कर्मियों का स्थानांतरण रोकने की मॉग की।

*मेंटीनेंस के दौरान हर साल 1500 संविदा कर्मी गंवाते हैं जान*

महासंघ के मीडिया प्रभारी एवं विद्युत मज़दूर संगठन के प्रान्तीय अध्यक्ष विमल चन्द्र पांडेय
ने बताया कि पूर्व में हर साल लगभग 500 संविदा कर्मियों को प्रतिवर्ष विद्युत दुर्घटनाओं मे जान गवानी पड़ती थी। जो अब अधिकारियों की लापरवाही और सुरक्षा उपकरणों के अभाव तथा नियम विरूद्ध मोबाइल फ़ोन पर शटडाउन दिए जाने के कारण बढ़कर लगभग 1500 हो गई है।जिसके स्थानांतरण के बाद बढ़ने की प्रबल आशंका है प्रान्तीय अध्यक्ष विमल चन्द्र पांडेय ने संविदा कर्मियों की मॉगो का समर्थन करते हुए सत्याग्रह को सफल बनाने की अपील की गई ।

*कई पदाधिकारियों ने लिया हिस्सा*

बैठक में विद्युत मज़दूर संगठन प्रान्तीय प्रभारी विद्युत संविदा मज़दूर संगठन पुनीत राय, जितेंद्र कुमार,सतीश तिवारी,राजीव रंजन राय ,रजनीश शर्मा उर्फ़ बबलू,अवनीश श्रीवास्तव, शिवकुमार, के के सिंह, मनीष श्रीवास्तव,बसंत लाल,सुभाष चन्द्र मिश्रा,आर पी पाल,संजीव कुमार श्रीवास्तव,रजत सिंघल पंचम यादव और राम प्रसाद आदि प्रमुख विद्युत कर्मी भी शामिल रहे।

 

T.N. MISHRA

SENIOR JOURNALIST

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