लखनऊ

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने X पर लिखा भाजपा की ‘स्टूल किट’ की किट-किट से जनता परेशान हैं।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने X पर लिखा भाजपा की ‘स्टूल किट’ की किट-किट से जनता परेशान हैं।

इन दिनों सपा और बीजेपी में जवाबी जंग खूब देखने को मिल रही हैं।अभी हाल ही में अखिलेश यादव का मानसून आफर वाला बयान काफी चर्चा में रहा था।यह बयान यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मोर्य से जोड़कर देखा जा रहा था।इसके बाद डिप्टी सीयम केशव प्रसाद मोर्य ने भी इसकी कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।कल फिर यानी 4 अगस्त को फिर अखिलेश यादव ने फिर चुटकी ली थी।

X पर अखिलेश यादव ने क्या लिखा ।
“X पर अखिलेश यादव ने लिखा ,भाजपा की ‘स्टूल किट’ की किट-किट से जनता परेशान हैं।
ये कोई काम तो करते नहीं हैं, इसीलिए इन्हें ‘बयान मंत्री’ बना दें।
दिल्ली-लखनऊ के ओलम्पिक में ये बेचारे गेंद की तरह हैं, दिल्ली का रैकेट इधर से लखनऊ भेजता है, तो लखनऊ का रैकेट दिल्ली।
ये हारे हुए हैं और कृपा पात्र मंत्री जी हैं, इसीलिए ये चुपचाप सब सहने पर मजबूर है। ये राजनीतिज्ञ नहीं, राजनीति के शिकार हैं।”

इस बयान को भी डिप्टी सीएम से जोड़कर देखा जा रहा है।अखिलेश यादव डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर फिर निशाना साधा हैं।अखिलेश यादव कुछ न कुछ ऐसा बयान दे देते है जिससे कि सियासी भूचाल देखने को मिलता रहता हैं।
यूपी सरकार में बीच मे हुई उठा पटक का लाभ उठाना चाह रहे है अखिलेश यादव।
जैसा कि पूरे उत्तर प्रदेश ने देखा था की डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने संगठन और बीजेपी के बीच हुई लोकसभा चुनावों में आयी कम सीट आने की स्थिति के आत्ममंथन चर्चा के दौरान अपने वक्तव्य में कहा था कि संगठन सरकार से बड़ा होता है।इसके बाद सरकार में काफी गरमा- गर्मी का माहौल बनने लगा था स्थिति यहां तक आ गयी कि दिल्ली सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा तब जाकर कुछ हद तक स्थिति सामान्य हो पाई।इसी के बाद से अखिलेश यादव केशव प्रसाद मोर्य से चुटकी लेते नज़र आ रहे हैं।
अखिलेश यादव का इस प्रकार से समय-समय बयानबाजी से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि अखिलेश यादव कही न कही सरकार मे दिख रही खिंच तान का लाभ उठाना चाहते हैं।जिससे कि कुछ ऐसी स्थिति बन जाये की उनको इसका राजनीतिक लाभ मिल सके।वो तो अब समय ही बतायेगा की अखिलेश यादव इन सबका क्या राजनीतिक लाभ उठाते हैं।
कहीं अखिलेश यादव की गतिविधियां 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी तो नही।
पहले कभी अखिलेश यादव इस तरह की बयान बाजी नही किया करते थे परंतु लोकसभा में अपने शानदार प्रदर्शन से उनके तथा पार्टी के कार्यकर्ताओं में एक नईं जान आ गयी हैं।लिहाजा अखिलेश यादव सपा पार्टी में आई इस नई ऊर्जा को धीमा नही पड़ने देना चाहते हैं और वो इस ऊर्जा को 2027 विधानसभा चुनावों तक ले जाना चाहते हैं।इसलिये वो समय-समय पर सरकार से किसी न किसी रूप में सरकार से दो-दो हाथ करते नज़र आते हैं।अखिलेश यादव बीजेपी पार्टी में हो रही खीच तान को एक राजनीतिक अवसर के रूप में भी देखकर चल रहे हैं।इससे यह भी स्पष्ट होता है की वह एक मंज़हे हुए राजनीतिज्ञ भी हैं।अब देखना होगा कि बीजेपी अखिलेश यादव के ट्वीट का क्या सटीक उत्तर देती हैं।

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