लखनऊ

माफ़ियाँ का काल, IPS अमिताभ यश।

माफ़ियाँ का काल, IPS अमिताभ यश।

योगी जी के मुख्यमंत्री बनने से पूर्व उत्तर प्रदेश की भूमि पर गुंडे माफियाओं की गोलियाँ गरजती थीं।

रात में छोटी सड़कों पर ही क्या, लोग दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर जाने पर थर थर काँपते थे,गाड़ी रोककर बलात्कार होते थे, अपहरण व हत्याएँ होती थीं।

योगी जी के नेतृत्व में, इन सब अपराधों पर लगाम लगाने का काम जाँबाज़ STF चीफ @AmitabhYash व DK शाही जैसे बहादुरों की टीम ने किया है। कानपुर के कुख्यात अपराधी विकास दुबे को इन्होंने ही निबटाया था।

आज जो तथाकथित सेक्युलर, लिबरल लोग भ्रष्ट नेताओं के पक्ष में खड़े होकर इन अधिकारियों पर ओछी टिप्पणी कर रहे हैं , वे जब यूपी में आते हैं तो इन्हीं अधिकारियों की वजह से निडर होकर लखनऊ में घूमते हैं।

अखिलेश की सरकार में 2012 में यूपी में कुल 227 दंगे हुए, 2013 में 247, 2014 में 242, 2015 में 219, 2016 में भी 100 के ऊपर दंगे हुए। दंगों के मामले में यूपी देश में एक नंबर पर था।
मुज़फ़्फ़रनगर दंगों में 62 लोग मारे थे, जहां आज़म ख़ान ने दंगाइयों को जेल से छुड़वा दिया था।

याद है आगरा कांड, जहां एक चर्चित चाचा के चहेते कुख्यात रामबृक्ष यादव ने 280 एकड़ सरकारी ज़मीन पर क़ब्ज़ा किया था, इस कांड में 23 लोग मारे गए थे।

अखिलेश सरकार के चलते दादरी में अखलाक को धर्माध भीड़ ने लिंच कर दिया, अखिलेश कुछ नहीं कर पाये।

पेड़ पर लटकी दो नाबालिग बच्चियों के बदायूँ रेप कांड को लोगो भूले भी नहीं थे कि बुलंदशहर के NH-91 पर 12 लोगों ने मां-बेटी से रेप कर दिया।

शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह को जिंदा जलाया गया था, इसमें भी सपा के एक मंत्री राममूर्ति का नाम आया था, अखिलेश कुछ नहीं कर पाये थे।

2016 में अखिलेश ने माइनिंग मिनिस्टर गायत्री प्रजापति को बचाने के लिए दुर्गा शक्ति नगपाल जैसे IAS को ठिकाने लगा दिया था, जिसने माइनिंग की लूट को रोकने की कोशिश की थी।

UPPSC के चेयरमैन अनिल कुमार यादव के विरुद्ध जातिगत भर्ती व भ्रष्टाचार पर अखिलेश मौन रहे, हाई कोर्ट को आगे आना पड़ा।

नोएडा के चीफ इंजीनियर यादव सिंह पर सैकड़ों करोड़ की संपत्ति बनाने का आरोप था, अखिलेश सरकार HC व SC में उसका बचाव करती रही।

2012 से 2015 तक मुलायम सिंह यादव हर छह महीने में एक बार अखिलेश को डांटते रहे, साढ़े चार मुख्यमंत्री की सरकार कहलाई थी, अखिलेश की सरकार। बंदरबाँट को लेकर हमेशा खींचतान मंची रहती थी।

जिस पिता ने मुख्यमंत्री बनाया, उन्हें ही धकिया कर माइक छीनने वाली घटना याद है ना?लोगों की मेमोरी शोर्ट होती है, इसलिए उन्हें बताने की ज़रूरत है कि योगी सरकार पर आक्षेप लगाने वालों के ख़ुद के दामन इतने दाग़दार हैं, ये प्रदेश जंगल राज कहलाता था, बीमारु प्रदेशों में गिनती होती थी।

आज एक ईमानदार मुख्यमंत्री @myogiadityanath की सरकार में जनमानस में सकून तो है कि कोई उनका घर द्वार नहीं छीन ले जायेगा,अपहरण नहीं करेगा, कोई तुष्टिकरण नहीं, बहन बेटी सुरक्षित हैं, चैन की नींद सो तो सकते हैं लोग।@AmitabhYash ने यूपी में माफ़ियाँ के नाक में दम कर रखा है।बिल में घुसे हैं या राम नाम सत्य हो गया है।

SENIOR JOURNALIST

UDAY RAJ

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