लखनऊ

पावर ऑफिसर एसोसिएशन ने की दलित अभियंताओं की पदोन्नति के लंबित मामलों का निस्तारण की मांग।

पावर ऑफिसर एसोसिएशन ने की दलित अभियंताओं की पदोन्नति के लंबित मामलों का निस्तारण की मांग।

पावर ऑफिसर एसोसिएशन की केंद्रीय कार्य समिति ने पावर कार्पोरेशन प्रबंधन से कहा है कि वह दलित अभियंताओं की लंबित जांचों को क्लीयर कर उनकी पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त करें। जिस प्रकार पहले अभियान चलाकर मुख्य अभियंता की पदोन्नति में लंबित जांचों का किया गया निस्तारण उसी प्रकार दलित अभियंताओं की पदोन्नति करने के लिए लंबित मामलों का निस्तारण भी समय रहते कराया जाना चाहिए।

पावर ऑफिसर एसोसिएशन ने कहा है कि पश्चिमांचल में 800 से ज्यादा अनुशासनिक कार्यवाही के  मामले लंबित हैं। जिसके लिए जांच समितियां बनवाकर उनका निस्तारण कराया जाए। क्योंकि इसमें 75 प्रतिशत मामले केवल दलित व पिछडे अभियंताओं से संबंधित हैं। संगठन ने पश्चिमांचल प्रबंधन को पूरे मामले से अवगत कराया है।

 

छोटे-मोटे मामलों में उलझा कर रोकी गई 800 की पदोन्नति।

उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया की कई दलित अभियंताओं को छोटे-मोटे मामलों में उलझा कर उनकी पदोन्नति रोकी गई है। जो पूरी तरह गलत है। ऐसे में पावर कार्पोरेशन प्रबंधन स्वतः उन मामलों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए नेकीराम, महेंद्र सिंह, यदुनाथ राम और जीवन प्रकाश की पदोन्नति मुख्य अभियंता पद पर कराए। अभियंताओं ने कहा कि पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम में  हद तब हो गई  जब दलित अधीक्षण अभियंता को अधिशासी अभियंता का चार्ज दिया जा रहा है। अब तक का सबसे नया मामला जो पावर सेक्टर में आज तक नहीं हुआ वह दलित अभियंताओं के साथ लगातार हो रहा है।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े प्रदेश भर के पदाधिकारी।

उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर एसोसिएशन की प्रांतीय कार्यकारिणी की फील्ड हॉस्टल कार्यालय में हुई बैठक में बिजली कंपनियों के पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। जिसमें सर्वसम्मत से उन दलित अभियंताओं के मामले पर गम्भीरता से विचार विमर्श किया गया। जिन्हें  किसी न किसी मामलों में उलझा कर उनकी पदोन्नति बाधित की गई है। संगठन ने कहा चाहे वह नेकीराम का मामला हो या फिर महेंद्र सिंह , यदुनाथ राम या फिर जीवन प्रकाश का मामला हो। सभी मुख्य अभियंता पद पर पदोन्नति पाने वाले थे लेकिन उनका लिफाफा बंद कर दिया गया। उनके ऊपर जो छोटे-मोटे मामले लंबित हैं उसे प्रबंधन चाहता तो दो दिन में निस्तारित कर सकता था। इसके पूर्व जब मुख्य अभियंता पदों की पदोन्नति की गई थी तो पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने अभियान चलाकर सभी के लंबित  मामलों को 15 दिन में निस्तारित कराकर उनकी पदोन्नति कर दी थी।

सरकार एक कमेटी बनाकर जांच कर ले तो खुद सामने आ जाएगी सच्चाई।

आज भी उत्तर प्रदेश सरकार एक कमेटी बनाकर जांच कर ले तो सच्चाई खुद ब खुद सामने आ जाएगी। कि दलित अभियंताओं के साथ किस तरह भेदभाव किया जा रहा है। और दूसरे मामलों में एक-एक अभियंता की अनेकों जाँचो को सप्ताह बीतते निपटा दिया गया।पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के अभियंताओं ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुडकर बताया कि यहां पर उत्पीडन का क्या हाल है । किस तरह दलित अधीक्षण अभियंता को अधिशासी अभियंता का चार्ज दिलाया जा रहा है जो अब तक का सबसे बडा मामला है।
पावर ऑफिसर एसोसिएशन के साथ  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुडे पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के दलित अभियंताओं ने कहा यहां लगभग 800 डीपी के मामले हैं । दर्जनों लोग निलंबित है यहां जांच समितियां का गठन ही लंबित है। जिसकी वजह से केस निस्तारित नहीं हो पा रहे हैं। जिस पर पावर ऑफिसर एसोसिएशन ने पश्चिमांचल प्रबंधन को अवगत कराते हुए कहा है कि अभिलंब जांच समितियां गठित कराकर दलित अभियंताओं के मामलों को निस्तारित कराया जाए।

उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष पीएम प्रभाकर, महेंद्र सिंह सचिव और आरपीकेन संगठन सचिव भी शामिल हुए। इनके अलावा नेकीराम, हरिश्चंद्र वर्मा, एसके निर्मल, प्रभाकर सिंह, बिंदा प्रसाद, सुशील कुमार वर्मा और प्रभाकर ने कहा सभी बिजली कंपनियों पावर कार्पोरेशन प्रबंधन को दलित अभियंताओं के मामलों का समय निश्चित करने का निर्देश जारी करना चाहिए। जिससे उनकी बाधित पदोन्नति हो सके जो अधिकारी निलंबित है और उनके द्वारा जवाब दाखिल किया जा चुका है उनकी बहाली हो सके।साथ ही और भी जो उनके उत्पीडन के मामले हैं वह न हो इसके लिए सभी बिजली कंपनियों को तत्काल निर्देश जारी किए जाए।

 

T.N. MISHRA 

SENIOR JOURNALIST

Related Articles

Back to top button