*यूपी में सीएम योगी का बड़ा निर्णय, नहीं बढ़ेंगी बिजली दरें*

*यूपी में सीएम योगी का बड़ा निर्णय, नहीं बढ़ेंगी बिजली दरें*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने लगातार पांचवें वर्ष यूपी में बिजली दरों में कोई बदलाव न करने का निर्णय किया है। जिससे करोड़ों उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है। वहीं राज्य उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा कई महीने से रेट बढ़ाने के प्रस्ताव का हर स्तर पर विरोध कर रहे थे।इस निर्णय से उन्हें अपने प्रयास में बड़ी सफलता मिली है। सीएम के निर्णय से प्रदेश में बिजली दरें इस साल भी नहीं बढ़ेगी।
यूपी में राज्य विद्युत परिषद कई महीने से उपभोक्ताओं पर बिजली का बोझ बढ़ाने में लगा था। लेकिन उसके प्रस्ताव के खिलाफ राज्य उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने मोर्चा खोल दिया था। वह नियामक आयोग के चेयरमैन से भी तथ्यों के आधार पर बिजली दरें न बढ़ाने की लड़ाई लड़ रहे थे। सीएम ने करोड़ों बिजली ग्राहकों को बड़ी राहत दे दी है। इसके बाद साफ हो गया है कि इस साल बिजली की दरें नहीं बढ़ाई जाएंगी। बिजली दरें नहीं बढ़ने से त्योहारी सीजन में लोगों को खासी राहत मिल गई है। पहले से ही महंगाई से जूझ रहे लोगो को कम से कम बिजली के बिल के बढ़ने का झटका नहीं लगेगा।
*पांच साल से बिजली के रेट न बढ़ाने वाला पहला राज्य बना यूपी*
सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने लगातार पांचवें वर्ष यूपी में बिजली दरों में कोई बदलाव न करने की घोषणा की है। बिजली ग्राहकों के हित में ऐसा फैसला करने वाला यूपी देश का पहला राज्य बन गया है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 17511 करोड़ रुपये की सब्सिडी की घोषणा की है। विद्युत नियामक आयोग ने पावर कारपोरेशन व बिजली कंपनियों के टैरिफ बढ़ाने के सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। बिजली कंपनियों द्वारा 11203 करोड़ रुपये का घाटा दर्शाया गया था।
*कनेक्शन काटने और जोड़ने का भी नही पड़ेगा शुल्क*
पावर कार्पोरेशन के इस निर्णय से अब कनेक्शन काटने व जोड़ने के लिए 50 रुपये नहीं लिए जा सकेंगे। वहीं 3 किलोवाट वाले उपभोक्ता भी 3 फेज कनेक्शन ले सकेंगे । अभी तक पांच किलोवाट और इससे अधिक के कनेक्शन लेने वालों को ही 3 फेज कनेक्शन मिलता है। इससे उपभोक्ताओं की वर्षों से लंबित उम्मीद पूरी हो सकेगी। विद्युत नियामक आयोग ने लंबे समय से विचाराधीन वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) 2024-25 व ट्रू-अप याचिका को निस्तारित करते हुए नई बिजली दरों का ऐलान किया है दिया। आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार व सदस्य संजय कुमार सिंह ने नई दरों का ऐलान किया है।
*मेसेज अलर्ट के भी नहीं लिए जाएंगे 10 रुपए*
स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मामले में मैसेज अलर्ट भेजने पर प्रस्तावित रुपया 10 एसएमएस चार्ज को विद्युत नियामक आयोग ने खारिज कर दिया है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर कनेक्शन जोड़ने व काटने के लिए 50 रुपये प्रस्तावित शुल्क को भी नियामक आयोग ने खारिज कर दिया है। बिजली कंपनियों ने जो लगभग 11203 करोड़ का गैप दिखाया था, वह भी खारिज हो गया। बिजली कंपनियों की तरफ से जो कुल एआरआर लगभग एक लाख 1784 करोड़ दिखाया गया था, उसमें भी भारी कटौती की गई है। और 1944 करोड़ इस वर्ष भी सरप्लस निकला है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि स्मार्ट मीटर स्थापना का कोई भी खर्च उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा। इस वर्ष बिजली दरों का निर्धारण 10.67 प्रतिशत लाइन हानियों के आधार पर किया गया है।
*मौजूदा कनेक्शन से ही चार्ज कर सकेंगे इलेक्ट्रिक वाहन*
अब अधिकांश उपभोक्ता श्रेणियां अपने मौजूदा कनेक्शन से ही इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्ज कर सकेंगे। शहरी परिवहन विभाग के अनुरोध को स्वीकार करते हुए आयोग ने सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों पर सिंगल पार्ट टैरिफ लागू करने की अनुमति दी है।
T.N. MISHRA
SENIOR JOURNALIST



