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लखनऊ: यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर व्यापक तैयारियां, 25 लाख अभ्यर्थियों पर कड़ी निगरानी।

लखनऊ: यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर व्यापक तैयारियां, 25 लाख अभ्यर्थियों पर कड़ी निगरानी।

 

उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। 25, 26 और 27 अप्रैल को आयोजित होने वाली इस बड़ी भर्ती परीक्षा के लिए सरकार ने सुरक्षा, पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। 41 हजार पदों के लिए हो रही इस भर्ती में लगभग 25 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिससे यह परीक्षा प्रदेश की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं में से एक मानी जा रही है। इतने बड़े स्तर पर होने वाली परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने बहुस्तरीय रणनीति तैयार की है।

74 जिलों में 1053 परीक्षा केंद्र, व्यवस्थाओं की कड़ी समीक्षा

इस परीक्षा का आयोजन उत्तर प्रदेश के 74 जिलों में बनाए गए 1053 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। हर जिले में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। परीक्षा केंद्रों का चयन बेहद सावधानीपूर्वक किया गया है और उनकी भौतिक स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था तथा पहुंच की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अंतिम सूची तैयार की गई है। इसके अलावा कई केंद्रों को संवेदनशील और अति संवेदनशील घोषित किया गया है, जहां अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।

CCTV कैमरों से होगी लाइव निगरानी

परीक्षा को नकलमुक्त बनाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए परीक्षा कक्ष से लेकर प्रवेश द्वार तक हर गतिविधि की निगरानी की जाएगी। राज्य स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम से अधिकारी लाइव फीड के जरिए हर केंद्र पर नजर रखेंगे। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

आधार और बायोमेट्रिक सत्यापन से फर्जीवाड़े पर रोक

इस बार परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए आधार कार्ड और बायोमेट्रिक जांच अनिवार्य कर दी गई है। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले हर अभ्यर्थी की पहचान का सत्यापन किया जाएगा। बायोमेट्रिक सिस्टम के जरिए उम्मीदवार की उंगलियों के निशान का मिलान किया जाएगा, जिससे डमी कैंडिडेट या किसी अन्य प्रकार के फर्जीवाड़े की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी। यह कदम भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर सख्त प्रतिबंध

परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। अभ्यर्थियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी प्रकार का गैजेट अपने साथ न लाएं। परीक्षा केंद्रों के बाहर चेकिंग के लिए विशेष टीमों की तैनाती की जाएगी। यदि किसी अभ्यर्थी के पास प्रतिबंधित वस्तु पाई जाती है, तो उसे तुरंत परीक्षा से बाहर कर दिया जाएगा और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भारी पुलिस बल की तैनाती, सुरक्षा चाक-चौबंद

परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर भारी पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इसके अलावा पीएसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है। परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष योजना बनाई गई है। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

नकल माफियाओं पर विशेष नजर, सख्त कार्रवाई के निर्देश

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा के दौरान नकल या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नकल माफियाओं और उनके नेटवर्क पर नजर रखने के लिए खुफिया एजेंसियों को सक्रिय किया गया है। यदि कोई व्यक्ति नकल कराने या परीक्षा में बाधा डालने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।

अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचे और अपने साथ सभी जरूरी दस्तावेज जैसे एडमिट कार्ड और आधार कार्ड अवश्य लेकर आएं। साथ ही, परीक्षा से संबंधित सभी नियमों का पालन करें और किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से दूर रहें। अभ्यर्थियों को यह भी सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर अनुशासन बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की ओर बड़ा कदम

इस बार की होमगार्ड भर्ती परीक्षा में जिस तरह से तकनीक और सख्ती का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार की मंशा साफ है कि योग्य और ईमानदार अभ्यर्थियों को ही मौका मिले। ऐसे में यह परीक्षा न केवल अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली की भी एक बड़ी परीक्षा साबित होने वाली है।

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