यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: 18 जिले संवेदनशील घोषित, नकल और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त निर्देश।

यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: 18 जिले संवेदनशील घोषित, नकल और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त निर्देश।
प्रयागराज से बड़ी खबर
माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने सामूहिक नकल, पेपर लीक और कानून-व्यवस्था से जुड़े पुराने मामलों को आधार बनाते हुए प्रदेश के 18 जिलों को “संवेदनशील जनपद” घोषित किया है। इन जिलों में परीक्षा के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
किन जिलों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया
यूपी बोर्ड द्वारा जारी सूची के अनुसार जिन 18 जिलों को संवेदनशील घोषित किया गया है, उनमें
आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया और गोंडा शामिल हैं।
इन जिलों में बीते वर्षों में परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल, प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं या फिर परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी पृष्ठभूमि में बोर्ड ने इन्हें हाई-रिस्क श्रेणी में रखते हुए अतिरिक्त निगरानी का फैसला लिया है।
नकलविहीन परीक्षा के लिए कड़े इंतजाम
बोर्ड प्रशासन ने साफ कर दिया है कि संवेदनशील जिलों में परीक्षा प्रक्रिया पर विशेष नजर रखी जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और अधिकारियों की तैनाती बढ़ाई जाएगी। फ्लाइंग स्क्वॉड और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की संख्या में भी वृद्धि की जाएगी ताकि किसी भी तरह की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई और गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड का मानना है कि तकनीक और प्रशासनिक सख्ती के जरिए नकल जैसी कुप्रथाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
डीएम को अनिवार्य बैठक के निर्देश
यूपी बोर्ड ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे परीक्षा से पहले संबंधित अधिकारियों, पुलिस प्रशासन और शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ अनिवार्य बैठक करें। इन बैठकों में परीक्षा केंद्रों की संवेदनशीलता, पूर्व में सामने आई समस्याओं और नकल रोकने के उपायों की समीक्षा की जाएगी।
जिलाधिकारियों को यह भी कहा गया है कि वे परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था सुनिश्चित करें। किसी भी तरह की अफवाह या अव्यवस्था को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है।
यूपी बोर्ड सचिव ने जारी की आधिकारिक विज्ञप्ति
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि बोर्ड का उद्देश्य केवल परीक्षा कराना नहीं, बल्कि छात्रों को एक निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल प्रदान करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन जिलों को संवेदनशील घोषित किया गया है, वहां प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
सचिव ने यह भी संकेत दिए कि यदि किसी केंद्र पर नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित केंद्र व्यवस्थापकों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर परीक्षा केंद्रों को स्थानांतरित या निरस्त करने का अधिकार भी बोर्ड के पास सुरक्षित रहेगा।
छात्रों और अभिभावकों के लिए संदेश
यूपी बोर्ड की इस पहल को शिक्षा जगत में सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इससे ईमानदारी से पढ़ाई करने वाले छात्रों को लाभ मिलेगा और उन्हें प्रतियोगिता में समान अवसर प्राप्त होंगे। बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहें और परीक्षा से जुड़ी केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
यूपी बोर्ड द्वारा 18 जिलों को संवेदनशील घोषित करना इस बात का संकेत है कि सरकार और शिक्षा विभाग नकल व पेपर लीक जैसी समस्याओं को लेकर गंभीर हैं। सख्त निगरानी, प्रशासनिक सतर्कता और तकनीकी उपायों के जरिए बोर्ड परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। आने वाले दिनों में यह देखा जाएगा कि ये उपाय जमीन पर कितने प्रभावी साबित होते हैं।


