माघ मेला केवल आयोजन नहीं, सनातन परंपरा और प्रशासनिक दक्षता का प्रतीक : मुख्यमंत्री योगी जी।

माघ मेला केवल आयोजन नहीं, सनातन परंपरा और प्रशासनिक दक्षता का प्रतीक : मुख्यमंत्री योगी जी।
लखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेला-2026 की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि माघ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था और प्रदेश की प्रशासनिक दक्षता का जीवंत उदाहरण है। ऐसे में इसकी व्यवस्थाएं हर दृष्टि से उत्कृष्ट, सुरक्षित और सुव्यवस्थित होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्य स्नान पर्वों के दौरान किसी भी प्रकार का वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा। सभी श्रद्धालुओं को समान सुविधा और सम्मान मिले, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार्य नहीं होगी।
सीएम योगी ने निर्देश दिए कि 31 दिसंबर तक माघ मेले से जुड़ी सभी तैयारियां हर हाल में पूरी कर ली जाएं। इस संबंध में संबंधित प्रमुख सचिव, सचिव एवं एडीजी लॉ एंड ऑर्डर को 31 दिसंबर को स्वयं मौके पर जाकर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी कमी को समय रहते दूर किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने अफवाहों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिए कि ट्रैफिक एवं भीड़ प्रबंधन के लिए बहुस्तरीय (मल्टी-लेयर) योजना तैयार की जाए, जिससे स्नान पर्वों के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
सीएम योगी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल, निगरानी व्यवस्था, आपातकालीन सेवाएं, स्वास्थ्य सुविधाएं और सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। साथ ही, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और आवागमन के मार्गों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने दो टूक कहा कि माघ मेला उत्तर प्रदेश की पहचान से जुड़ा आयोजन है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बेहतर समन्वय, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर माघ मेले को सफल बनाना सभी संबंधित अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।



