मुजफ्फरनगर में सनसनीखेज हत्याकांड: प्रेमिका ने नए प्रेमी संग मिलकर पुराने बॉयफ्रेंड को उतारा मौत के घाट।

मुजफ्फरनगर में सनसनीखेज हत्याकांड: प्रेमिका ने नए प्रेमी संग मिलकर पुराने बॉयफ्रेंड को उतारा मौत के घाट।
नाले से मिली लाश, इलाके में फैली दहशत
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में 1 फरवरी को नाले से एक युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सुबह राहगीरों ने नाले में शव पड़ा देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और शिनाख्त की कोशिश शुरू की। बाद में मृतक की पहचान संजीव उर्फ जीवन के रूप में हुई, जो पास के ही इलाके का रहने वाला था। शव की हालत देखकर साफ था कि मौत सामान्य नहीं, बल्कि हत्या का मामला है। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और चर्चाओं का माहौल बन गया।
पहचान होते ही परिजनों का फूटा गुस्सा
जैसे ही संजीव की पहचान हुई, परिजन मौके पर पहुंचे और उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने संजीव की हत्या की आशंका जताते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। परिवार का कहना था कि संजीव पिछले कुछ समय से तनाव में था और कुछ लोगों से उसका विवाद चल रहा था। पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच में बड़ा खुलासा: प्रेम-त्रिकोण बना हत्या की वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि यह हत्या प्रेम-प्रसंग से जुड़ी है। संजीव और सोनिया के बीच करीब 12 साल से प्रेम संबंध थे। दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे और आसपास के लोग भी उनके रिश्ते से परिचित थे। हालांकि बीते कुछ महीनों से उनके रिश्ते में दरार आने लगी थी। इसी दौरान सोनिया की जिंदगी में सद्दाम नामक युवक की एंट्री हुई। धीरे-धीरे सोनिया का झुकाव सद्दाम की ओर बढ़ा और संजीव से उसका रिश्ता बिगड़ने लगा।
पुराने रिश्ते से छुटकारा पाने की खौफनाक साजिश
पुलिस के मुताबिक, सोनिया और सद्दाम दोनों ही संजीव को रास्ते से हटाना चाहते थे। बार-बार समझाने और दूरी बनाने के बावजूद संजीव सोनिया से अलग होने को तैयार नहीं था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया। आरोप है कि नए रिश्ते को खुलकर जीने के लिए सोनिया और सद्दाम ने संजीव की हत्या की साजिश रची।
बताया जा रहा है कि दोनों ने पहले संजीव को किसी बहाने मिलने के लिए बुलाया। बातचीत के दौरान कहासुनी बढ़ी और फिर मौका देखकर उस पर हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को नाले में फेंक दिया गया ताकि मामला हादसा या गुमशुदगी जैसा लगे।
पुलिस की तेजी से कार्रवाई, आरोपी हिरासत में
शव मिलने के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मोबाइल कॉल डिटेल्स निकालीं और संजीव के आखिरी लोकेशन का पता लगाया। जांच के दौरान सोनिया और सद्दाम की भूमिका संदिग्ध नजर आई। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों टूट गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या में इस्तेमाल किए गए साधन की बरामदगी और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि केस मजबूत बनाया जा सके।
इलाके में दहशत, लोगों में आक्रोश
घटना सामने आने के बाद मुजफ्फरनगर में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रेम-प्रसंग के मामलों में इस तरह की हिंसक वारदातें समाज के लिए बेहद चिंताजनक हैं। पड़ोसियों के अनुसार संजीव सीधा-सादा युवक था और किसी से दुश्मनी नहीं रखता था।
वहीं, सोनिया और सद्दाम के पकड़े जाने के बाद लोगों में आक्रोश है। लोग मांग कर रहे हैं कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई इस तरह की वारदात करने की हिम्मत न कर सके।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
संजीव की हत्या से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता-पिता का कहना है कि उनका बेटा मेहनत-मजदूरी करके घर चलाता था और उसकी किसी से दुश्मनी नहीं थी। परिवार वालों को यकीन नहीं हो रहा कि प्रेम-प्रसंग के चलते इतनी बड़ी वारदात हो सकती है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें न्याय मिले और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जाए।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर धाराएं तय की जाएंगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है, ताकि घटना से जुड़े हर पहलू को अदालत के सामने मजबूत तरीके से रखा जा सके।
रिश्तों में बढ़ती हिंसा पर सवाल
मुजफ्फरनगर की यह घटना समाज के सामने कई सवाल खड़े करती है। प्रेम-प्रसंग में असफलता या गलतफहमी को हिंसा में बदल देना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। रिश्तों में मतभेद का हल बातचीत और दूरी हो सकता है, हत्या नहीं। यह वारदात बताती है कि भावनात्मक असंतुलन और जल्दबाज़ी कैसे किसी की जिंदगी छीन सकती है। समाज और परिवार—दोनों की जिम्मेदारी है कि युवाओं को सही दिशा और संयम का रास्ता दिखाया जाए, ताकि ऐसे खौफनाक अपराध दोहराए न जाएं।



