उत्तर प्रदेश

योगी सरकार के विकास मॉडल से बदली आकांक्षात्मक विकास खंडों की तस्वीर।

योगी सरकार के विकास मॉडल से बदली आकांक्षात्मक विकास खंडों की तस्वीर।

पिछड़े माने जाने वाले ब्लॉक बन रहे प्रेरणादायी विकास केंद्र

लखनऊ, 16 जनवरी।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित विकास योजनाएं अब ज़मीन पर ठोस परिणाम देने लगी हैं। प्रदेश के आकांक्षात्मक और पिछड़े विकास खंडों में सरकारी प्रयासों से व्यापक बदलाव दिखाई दे रहा है। केंद्र व राज्य सरकार से प्राप्त प्रोत्साहन राशि का योजनाबद्ध और पारदर्शी उपयोग कर इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, खेल, कौशल विकास और आधारभूत संरचना को मजबूत किया गया है। इसका असर यह है कि जो क्षेत्र कभी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करते थे, वे अब विकास की मिसाल बनते जा रहे हैं।

शिक्षा व्यवस्था को मिली नई दिशा

आकांक्षात्मक विकास खंडों में शिक्षा को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। बरेली जनपद के मझगवां विकास खंड में उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आधुनिक शैक्षिक संसाधनों को बढ़ावा दिया गया। यहां छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए एस्ट्रोनॉमी लैब की स्थापना की गई, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी आधुनिक विज्ञान से जुड़ सकें। वहीं न्याय पंचायत गैनी में पुस्तकालय की स्थापना कर विद्यार्थियों को अध्ययन के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।

खेल और स्वास्थ्य को बढ़ावा

ग्रामीण युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से खेल और शारीरिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया गया है। मझगवां विकास खंड की ग्राम पंचायत बेहटा बुजुर्ग में मिनी स्टेडियम और ओपन जिम का निर्माण कराया गया है। इससे युवाओं को खेलकूद के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिल रही हैं और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिल रहा है।

बालिकाओं की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष जोर

योगी सरकार ने बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ठोस कदम उठाए हैं। बदायूं जनपद के वजीरगंज विकास खंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में छात्राओं की सुरक्षा और आवागमन को बेहतर बनाने के लिए सीसी रोड और बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया है। यह पहल सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

स्वच्छ ऊर्जा की ओर कदम

ऊर्जा क्षेत्र में भी आकांक्षात्मक ब्लॉकों में नवाचार देखने को मिल रहा है। बलिया जिले के सोहांव विकास खंड कार्यालय परिसर में 10 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर पैनल सिस्टम लगाया गया है। इससे न केवल बिजली खर्च में कमी आई है, बल्कि सरकारी कार्यालयों में हरित ऊर्जा को अपनाने का संदेश भी गया है।

स्वास्थ्य, पोषण और कौशल विकास में समन्वित प्रयास

इन विकास खंडों में स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण, पेयजल, महिला एवं बाल कल्याण तथा कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जा रही है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किशोरियों से जुड़े मानकों में सुधार के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिससे मानव विकास सूचकांक में निरंतर सुधार हो सके।

परिणाम आधारित विकास की मिसाल बना योगी मॉडल

आकांक्षात्मक विकास खंडों में दिखाई दे रहा यह परिवर्तन योगी सरकार की परिणाम आधारित कार्यशैली का उदाहरण है। यहां प्रोत्साहन राशि का उपयोग केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रहकर दीर्घकालिक लाभ और आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखकर किया गया है। यह मॉडल दर्शाता है कि यदि सरकारी संसाधनों का सही योजना, ईमानदार क्रियान्वयन और सतत निगरानी के साथ उपयोग किया जाए, तो पिछड़े क्षेत्र भी प्रेरणादायी विकास केंद्र बन सकते हैं। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश का यह विकास मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बनने की दिशा में अग्रसर है।

 

 

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