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कलकत्ता में महिला ट्रेनी डॉक्टर से रेप के बाद हत्या में सीबीआई ने जांच शुरू की।ममता सरकार का लॉ एंड आर्डर हुआ फेल।

कलकत्ता में महिला ट्रेनी डॉक्टर से रेप के बाद हत्या में सीबीआई ने जांच शुरू की।ममता सरकार का लॉ एंड आर्डर हुआ फेल।
कलकत्ता में महिला ट्रेनी डॉक्टर से रेप के बाद हत्या की घटना एक बहुत ही शर्मनाक घटना हुई हैं।इस घटना ने पूरे देश की जनता को हिला कर रख दिया हैं।इस घटना के बाद से सीएम ममता बनर्जी पर दबाव बढ़ता जा रहा हैं।इस घटना के अंतर्गत न्यायालय ने जांच सीबीआई को सौप दी हैं।सीबीआई ने अपनी जांच शुरू कर दी हैं।देखा जाए ममता बनर्जी ने अभी तक इस मामले में कोई सख्त कार्यवाही नही की

जिससे पूरे देश के डॉकटरो में रोष बढ़ता जा रहा हैं।डॉक्टर्स अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं।इस घटना ने एक आंदोलन का रूप ले लिया हैं।
पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में गैंग रेप की आंशका जताई गई।
कलकत्ता में हुई इस जघन्य घटना से कोई भी अछूता नही रहा हैं।इस घटना के अंतर्गत पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे हुये हैं।रिपोर्ट में महिला डॉक्टर के प्राइवेट पार्ट से 151 mg सीमन मिला हैं,इसलिए यह कहा जा रहा है कि यह किसी एक आदमी का कृत्य नही हो सकता हैं।इसलिए जांच अधिकारी मानकर चल रहे है कि इस घटना में एक से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं।इस घटना की जांच सीबीआई को सौंपी जा चुकी है। सीबीआई हर छोटे से छोटे सबूत पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही ताकि अपराधी को जल्दी-जल्दी सज़ा दिलाई जा सके।
पीड़िता ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई बुरी तरह मारपीट।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है की महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ बहुत बुरी तरह से बर्बरता की गई थी।उसकी आंख में उसके चश्मे के ग्लास धसें हुए थे।अपराधियो ने महिला का गला और मुंह दबाकर हत्या कर दी थी।

गला दबाने की वजह से महिला डॉक्टर की थाइराइड कार्टिलेज भी टूट गयी थी।पीड़िता का बहुत ज्यादा शोषण किया गया था इस बात की भी पुष्टि की गई हैं।
14 अगस्त को सबूत मिटाने की नियत की गई तोड़-फोड़।
14 अगस्त की रात भारी संख्या में लोग अस्पताल में घुस गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी।अस्पताल की स्थिति देखकर यह साफ पता चल रहा था कि हुड़दंगी इस हत्या के सबूतों को मिटाने की नीयत से अस्पताल में आये थे।उन लोगो ने अस्पताल के सीसीटीवी रूम को बुरी तरह से तहस नहस कर दिया था।अस्पताल के कई महत्वपूर्ण उपकरणों को काफी नुकसान पहुँचाया था।
इस घटना के बाद पुलिस ने 19 लोगो हिरासत में लिया हैं और उनपर कानूनी धाराओं के तहत कार्यवाही शुरू कर दी हैं।
डॉक्टरों को सीएम ममता बनर्जी से नही है कोई उमीद।
इस घटना के बाद ममता सरकार का टालने वाले रवैये से डॉक्टर्स काफी आक्रोश में हैं।डॉक्टरों का साफ कहना है कि ममता सरकार में कोई भी सुरक्षित नही हैं।और जब तक अपराधियो को सज़ा नही मिलती है और हमे सुरक्षा नही मिलती है तब तक हमारा आंदोलन ऐसी ही जारी रहेगा।हालांकि देश भर के डॉक्टर्स हड़ताल पर है उसके बाद भी अपने मरीजो का ध्यान रख रहे हैं।
ममता बनर्जी का लॉ एंड आर्डर हुआ फेल।
14 अगस्त की घटना के अनुसार जिस तरह से हुड़दंगी अस्पताल में घुसे ,अस्पताल को नुकसान पहुँचाया और उन्हें कोई भी रोकने वाला नही था।इतनी संगीन घटना होने के बाद भी क्या अस्पताल के पास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी नही रखनी चाहिए थी परंतु ऐसा नही हुआ।हुड़दंगी अस्पताल में घुसे और जो मर्जी आयी वो कृत्य किया।इस स्थिति को देखा जाए तो कोई भी अस्पताल में जाने से भी डरेगा क्योकि मरीज को यही लगेगा की क्या पता कब क्या हो जाये अस्पताल में और उसे अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ जाये।
ममता सरकार में कई ऐसी कई बड़ी घटनाएं होती आयी है जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि ममता सरकार का लॉ एंड आर्डर पर कोई भी कंट्रोल नही है।उनको बस अपने वोट बैंक से मतलब है जिसको वो संजो कर रखना ज्यादा पसंद करती हैं।उनकी कुर्सी बस बनी रहनी चाहिए।चाहे जितनी बड़ी घटना हो जाये ममता बनर्जी का रिएक्शन सदैव जीरो रहता हैं।ममता बनर्जी कभी भी अपने स्टेट में किसी भी सेंट्रल एजेंसी को एंट्री नही देती हैं।इसकी क्या वजह है ये वही बता सकती हैं।
इन्ही सब कारणों को देखते हुए यह कहना गलत नही होगा कि ममता सरकार को बर्खास्त करके वहां राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए जिससे कि कानून व्यवस्था को ठीक प्रकार से चलाया जा सके।



