लखनऊ विकास प्राधिकरण ने गोमती नगर में अवैध निर्माण पर सख्ती दिखाई।

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने गोमती नगर में अवैध निर्माण पर सख्ती दिखाई।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने गोमती नगर के विराज खंड स्थित भूखंड संख्या-1/137 पर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है।
विवाद संख्या-58/2022 के तहत की गई सुनवाई में पाया गया कि भूखंड के स्वामी द्वारा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत द्वितीय तल पर एक कमरा और वाटर टैंक/स्विमिंग पूल का निर्माण कराया गया है।
एलडीए द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि स्वामी ने कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद न तो शमनित भवन मानचित्र प्रस्तुत किया और न ही अवैध हिस्से को हटाया।लगभग 55 सुनवाई तिथियों का अवसर देने के बाद भी स्वामी ने नियमों का पालन नहीं किया।
प्रवर्तन जोन की स्थलीय आख्या और जीपीएस फोटोग्राफ के आधार पर स्पष्ट हुआ कि प्राधिकरण की अनुमति के बिना सेटबैक कवर कर निर्माण किया गया है।प्राधिकरण ने इसे ध्वस्तीकरण योग्य अवैध निर्माण घोषित किया है।
एलडीए ने आदेश दिया है कि भूखंड स्वामी स्वयं 15 दिन के भीतर अवैध निर्माण को हटा लें, अन्यथा विकास प्राधिकरण इसे ध्वस्त करेगा और ध्वस्तीकरण का खर्च राजस्व के रूप में वसूला जाएगा।
यह मामला तब चर्चा में आया जब पड़ोसी भूखंड के स्वामी ने स्विमिंग पूल निर्माण को लेकर शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि अवैध निर्माण से कभी भी हादसा हो सकता है और लोगों की जान-माल को खतरा है।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973, भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा महायोजना-2031 के उल्लंघन के चलते की गई है।
हैशटैग्स:
#LDA #LucknowDevelopmentAuthority #IllegalConstruction #GomtiNagar #VirajKhand #UPGovernment #UrbanDevelopment #LDAAction #UnauthorizedConstruction #UttarPradesh



