लखनऊ

व्यापारी जीएसटी बदलाव से परेशान, 22 सितम्बर से बढ़ेगी दिक्कतें।

व्यापारी जीएसटी बदलाव से परेशान, 22 सितम्बर से बढ़ेगी दिक्कतें।

लखनऊ। जीएसटी की नई दरों ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र का कहना है कि दरों में बदलाव से व्यापारी वर्ग पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है।

उन्होंने बताया कि पहले जिन वस्तुओं पर 18%, 12% या 5% जीएसटी लगाया जा रहा था और अब उन्हें शून्य (0%) कर दिया गया है, उन पर समस्या खड़ी हो जाएगी। कारण यह है कि 22 सितम्बर से जब व्यापारी बचा हुआ स्टॉक शून्य कर दर पर बेचेगा, तो उस स्टॉक पर पहले से ली गई आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) वापस करनी होगी।

मिश्र ने उदाहरण देते हुए कहा—

अगर किसी व्यापारी ने 10,000 रुपये का माल खरीदा और 21 सितम्बर तक बेच दिया तो कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन यदि 22 सितम्बर की सुबह उसके पास 2,000 रुपये का माल बचा रह गया, तो उस पर 18% यानी 360 रुपये का टैक्स वापस करना पड़ेगा। इस नियम को जीएसटी अधिनियम की धारा 18(4) के अंतर्गत रखा गया है।

उन्होंने सवाल उठाया कि यह रकम आखिर कौन भरेगा? जाहिर है, व्यापारी इसे माल की कीमत में जोड़ देंगे। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ सकता है।

हालाँकि, जिन वस्तुओं पर कर दर घटाई गई है, जैसे 12% से घटाकर 5% कर दी गई है, उनमें ऐसी कोई समस्या नहीं आएगी और आईटीसी वापस नहीं करनी होगी।

मिश्र ने साफ कहा कि व्यापारी तो करों के इस जाल में उलझेंगे ही, लेकिन आम जनता को इसका क्या फायदा मिलेगा, यह 22 सितम्बर के बाद ही दिखेगा।

 

 

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