बरेली हिंसा पर सीएम योगी सख्त, बोले– “दोषियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा”

बरेली हिंसा पर सीएम योगी सख्त, बोले– “दोषियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा”
लखनऊ/बरेली।बरेली में बीते दिनों हुए उपद्रव ने पूरे प्रदेश का माहौल गरमा दिया है। पोस्टर विवाद से शुरू हुआ यह तनाव अचानक हिंसा और गोलीबारी में बदल गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने साफ कहा है कि “कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो।”
प्रशासन को मिले कड़े निर्देश
सीएम योगी ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उपद्रव फैलाने वाले हर व्यक्ति की पहचान कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए। उन्होंने कहा कि वीडियो फुटेज, सोशल मीडिया पोस्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर सटीक कार्रवाई होनी चाहिए।
“दशहरा का पर्व बुराई के अंत का प्रतीक”
योगी ने बरेली की घटना को लेकर कहा कि यह उपद्रव किसी साधारण झगड़े का परिणाम नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि दशहरा का पर्व इस बात का प्रतीक है कि समाज में हिंसा और आतंक जैसी बुराइयों को खत्म किया जाना चाहिए।
पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी
मुख्यमंत्री ने पुलिस महकमे को भी आगाह किया कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि थाने से लेकर पुलिस चौकी और पीआरवी तक हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी। महिला सुरक्षा, छेड़खानी, चेन स्नैचिंग और हिंसक घटनाओं में त्वरित कार्रवाई अनिवार्य होगी।
विपक्ष और धार्मिक नेताओं की प्रतिक्रिया
वहीं, इस घटना को लेकर विपक्षी दलों और कुछ धार्मिक नेताओं ने सरकार की नीति पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच की जरूरत है ताकि किसी भी समुदाय के साथ अन्याय न हो।
सरकार के लिए आगे की चुनौती
बरेली की हिंसा ने सरकार के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है—एक ओर उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई करना और दूसरी ओर समाज में आपसी भरोसे और शांति कायम रखना। योगी सरकार की अगली चाल तय करेगी कि यह मामला केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित रहेगा या प्रदेश की कानून-व्यवस्था के लिए एक उदाहरण बनेगा।



