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रोहिणी आचार्या पर पहली बार बोले तेजस्वी यादव।

रोहिणी आचार्या पर पहली बार बोले तेजस्वी यादव।

पटना। आरजेडी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पहली बार अपनी बहन रोहिणी आचार्या को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने उनके त्याग, समर्पण और राजनीति में उनकी भूमिका पर विस्तार से विचार रखे।

पिता के लिए किडनी दान को बताया “अद्वितीय बलिदान”

तेजस्वी यादव ने कहा कि जब उनके पिता लालू प्रसाद यादव गंभीर रूप से बीमार थे, तब रोहिणी ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी किडनी दान कर दी। उन्होंने कहा – “ये सिर्फ पारिवारिक जिम्मेदारी नहीं थी, बल्कि ऐसा बलिदान है जिसे इतिहास भी याद रखेगा।”

राजनीति और परिवार को अलग रखने की अपील

टिकट और चुनावी चर्चाओं पर तेजस्वी ने साफ कहा कि राजनीति और रिश्तों को आपस में मिलाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि रोहिणी हमेशा परिवार के साथ खड़ी रहीं और अब पार्टी के लिए भी योगदान दे रही हैं, लेकिन टिकट देने का निर्णय सामूहिक रूप से पार्टी लेती है।

जनता से गहरा जुड़ाव

तेजस्वी ने माना कि रोहिणी आचार्या का जनता से गहरा जुड़ाव है। वे सोशल मीडिया के जरिए लगातार आम लोगों की समस्याओं को आवाज देती रही हैं और पार्टी की नीतियों का प्रचार भी करती हैं। उनकी सक्रियता से पार्टी को भी मजबूती मिलती है।

परिवार के लिए त्याग ही सबसे बड़ी सेवा”

अपनी बहन की भूमिका को रेखांकित करते हुए तेजस्वी ने कहा कि रोहिणी का योगदान केवल एक बहन के रूप में नहीं बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा – “उन्होंने दिखा दिया कि परिवार के लिए त्याग ही सबसे बड़ी सेवा है।”

भविष्य में राजनीति में और अहम भूमिका की संभावना

तेजस्वी यादव के बयान से यह संकेत भी मिला कि आने वाले समय में रोहिणी आचार्या पार्टी की राजनीति में और सक्रिय हो सकती हैं। उनका समर्पण और लोकप्रियता राजद के लिए एक बड़ी ताकत बन सकती है।

तेजस्वी यादव ने अपनी बहन की भूमिका को परिवार, समाज और राजनीति – तीनों स्तर पर महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें “त्याग और समर्पण की मिसाल” करार दिया।

 

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