मुर्शिदाबाद में इस्लामी भीड़ ने BSF पर पेट्रोल बम-पत्थर से किया था हमला,TMC ने कहा- घुसपैठियों ने की हिंसा

मुर्शिदाबाद में इस्लामी भीड़ ने BSF पर पेट्रोल बम-पत्थर से किया था हमला, सिर्फ हिन्दुओं की दुकानों को बनाया निशाना: मुस्लिमों की सम्पत्तियाँ सुरक्षित, TMC ने कहा- घुसपैठियों ने की हिंसा*
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई इस्लामी हिंसा के दौरान सिर्फ हिन्दुओं की दुकानें निशाना बनाई गईं थी। मुस्लिमों की दुकानों पर खरोंच तक नहीं आई। हिंसा के बाद पहुँची BSF को भी इस्लामी कट्टरपंथियों ने पेट्रोल बम से निशाना बनाया। बड़ी संख्या में हिन्दू अब मुर्शिदाबाद से भागने को मजबूर हैं। वहीं हिंसा रोकने में फेल हुई TMC सरकार अब BSF को ही दोषी बता रही है।
मीडिया से बात करते हुए एक हिन्दू पीड़ित ने बताया कि इस्लामी भीड़ अचानक से आई और उनकी दुकान पर हमला कर दिया। पीड़ित ने बताया कि भीड़ में शामिल मुस्लिम चिल्ला रहे थे वह किसी भी हिन्दू को इस इलाके में नहीं रहने देंगे। इस्लामी भीड़ ने इसके बाद उनकी दुकान का सामान लूट लिया और फर्नीचर में आग लगा दी।
पीड़ित ने बताया कि बाजार के भीतर मौजूद किसी भी मुस्लिम की दुकान को नुकसान नहीं पहुँचाया गया और सिर्फ हिन्दुओं की दुकानें और सम्पत्तियाँ ही इस्लामी भीड़ ने निशाने पर ली। एक पीड़ित ने बताया कि इस दौरान इस्लामी भीड़ ने देशी बम भी चलाए। BSF के आने के बाद हिन्दू अब अपने नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
बड़ी संख्या में हिन्दू गंगा नदी पार करके मुर्शिदाबाद से मालदा चले गए हैं। पलायन कर चुके एक पीड़ित ने बताया कि इस्लामी भीड़ ने हिंसा के दौरान हिन्दू घरों को आग लगाई और महिलाओं के साथ छेड़खानी की। एक पीड़ित ने बताया कि उनके घर में इस्लामी भीड़ हथियार लहराती हुई घुसी और पुरुषों को पीटने लगी, वह किसी तरह भाग सके।
मुर्शिदाबाद से मालदा की तरफ बचने के लिए भागने वाले हिन्दुओं की संख्या लगभग 500 बताई जा रही है। वह मालदा के बैष्णबनगर में ठहरे हैं। यहाँ उन्होंने एक स्कूल में शरण ली है। मालदा पहुँचे हिन्दुओं को दूसरे हिन्दू मदद पहुँचा रहे हैं।
मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा के बाद पहुँची BSF पर भी इस्लामी कट्टरपंथियों ने जानलेवा हमले किए हैं। मुर्शिदाबाद में तैनात BSF के DIG ने बताया कि भीड़ ने उनके ऊपर पेट्रोल बम और पत्थर चलाए। उन्होंने बताया कि कोई सुरक्षाकर्मी इस हमले में गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ लेकिन कट लगना और छोटी चोट तो सामान्य बात हैं।
DIG ने बताया है कि BSF पर उन्हीं लोगों ने हमला किया, जिन्होंने यहाँ पहले हिंसा की शुरुआत की थी। इस बीच पश्चिम बंगाल में हिंसा रोकने में विफल रही TMC अब BSF को ही दोषी ठहरा रही है। हालाँकि, इसी के साथ उसने मान लिया है कि हिंसा में घुसपैठियों का हाथ था।
TMC नेता कुणाल घोष ने दावा किया है कि BSF ने घुसपैठियों को इस इलाके में घुसाया ताकि वह हिंसा करें और इससे राज्य सरकार के लिए समस्याएँ खड़ी हों। उन्होंने दावा किया कि बाहर से आए लोगों ने ही इस हिंसा का नेतृत्व किया है और अब वह गायब हो गए हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार (11 अप्रैल, 2025) को मुर्शिदाबाद में इस्लामी भीड़ ने वक्फ क़ानून के विरोध के नाम पर हिंसा चालू की थी। इस्लामी भीड़ की हिंसा में 3 लोगों की मौत हो चुकी है। कोलकाता हाई कोर्ट ने इसके बाद केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया था।



