फर्जी फाइनेंसर बनकर राहगीरों पर दबंगई, दो गिरफ्तार

फर्जी फाइनेंसर बनकर राहगीरों पर दबंगई, दो गिरफ्तार
बाइक रोककर वसूली का दबाव, रुपये न देने पर वाहन कब्जाने का आरोप; तीन बाइक और स्विफ्ट कार बरामद
बस्ती। कप्तानगंज थाना क्षेत्र में राहगीरों को रोककर खुद को फाइनेंसर बताने और वाहन के बदले रुपये मांगने के कथित मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, रकम नहीं देने पर आरोपियों द्वारा वाहन मालिकों को डराने-धमकाने और उनके वाहन कब्जे में लेने की शिकायतें सामने आई थीं। मामले में कप्तानगंज पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन बाइक बरामद की हैं। इसके अलावा कथित वारदात में इस्तेमाल की जा रही स्विफ्ट कार को भी बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
नहर पुलिया के पास कार के साथ पकड़े गए आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोंडा जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के हथिनाग निवासी आदर्श सिंह (23) और कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बैदोलिया निवासी शशांक पाण्डेय (21) के रूप में हुई है।
दोनों आरोपियों को बुधवार दोपहर करीब 2:35 बजे रेहरवा-टिनिच मार्ग पर नहर पुलिया के पास स्विफ्ट कार संख्या UP51 BU 5308 के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कार को मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत सीज कर दिया है।
फाइनेंस के नाम पर वाहन मालिकों पर दबाव का आरोप
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर वाहन मालिकों को रोककर खुद को फाइनेंसर बताते थे। इसके बाद वाहन के फाइनेंस अथवा बकाया रकम के नाम पर रुपये देने का दबाव बनाया जाता था।
पुलिस का आरोप है कि रकम देने से इनकार करने पर वाहन मालिकों को डराया-धमकाया जाता था और कुछ मामलों में उनके वाहन कब्जे में ले लिए जाते थे।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चार लोगों के साथ मिलकर काम करने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार अभिषेक यादव स्विफ्ट कार उपलब्ध कराता था और वाहनों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने में उसकी भूमिका बताई गई है।
27 अगस्त और 6 सितंबर की घटनाओं की जांच
पुलिस जांच में 27 अगस्त को कप्तानगंज सीएचसी गेट के पास एक बाइक तथा बिहार निवासी संजय मेहता की पल्सर बाइक को कब्जे में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
वहीं, 6 सितंबर को दुधौरा स्थित जियो पेट्रोल पंप के पास विजय पाल की प्लैटिना बाइक को कथित तौर पर धमकाकर ले जाने का आरोप सामने आया।
इन घटनाओं के संबंध में कप्तानगंज थाने में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे।
दो मुकदमों में बढ़ाई गईं धाराएं
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में 6 सितंबर को मुकदमा संख्या 238/2026 और 8 सितंबर को मुकदमा संख्या 241/2026 दर्ज किया गया था।
बरामदगी और पुलिस की जांच के आधार पर दोनों मुकदमों में बीएनएस की धारा 317(2) और 61(2) की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कथित गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।
तीन बाइक और स्विफ्ट कार बरामद
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान जिन वाहनों को बरामद किया है, उनमें:
- होंडा एक्सट्रीम — UP58 AJ7456
- बजाज पल्सर — BR55 D5814
- प्लैटिना — UP51 BL4244
- स्विफ्ट कार — UP51 BU 5308
शामिल हैं।
मामले में विशाल भारद्वाज और अमन सिंह समेत अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित रूप से फाइनेंसर बनकर वाहन कब्जे में लेने की ऐसी और कितनी घटनाएं हुई हैं।
पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
कप्तानगंज पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को फाइनेंसर बताकर बिना वैध दस्तावेज या कानूनी नोटिस के वाहन कब्जे में लेने का प्रयास करता है अथवा रुपये देने के लिए दबाव बनाता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में लोग खुद किसी तरह का विवाद करने के बजाय तुरंत पुलिस से संपर्क करें, ताकि मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।



