
विमान हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन पर अखिलेश यादव ने उठाए सवाल।
वीआईपी उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था पर ठोस नियम बनाने की मांग
लखनऊ से आई प्रतिक्रिया में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने इस हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह घटना पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
हादसे की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग
अखिलेश यादव ने कहा कि इस प्रकार की दुर्घटनाओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जिस विमान से यात्रा की जा रही थी, वह तकनीकी रूप से पूरी तरह सुरक्षित था, तो फिर यह हादसा कैसे हुआ। उन्होंने मांग की कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और अफवाहों पर विराम लगे।
वीआईपी यात्रा के लिए सुरक्षित विमानों की व्यवस्था हो
सपा प्रमुख ने कहा कि देश के वीआईपी नेताओं को कम से कम अत्याधुनिक और पूरी तरह सुरक्षित विमानों में यात्रा करनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वीआईपी उड़ानों के लिए स्पष्ट नियम, नियमित तकनीकी जांच और उच्च सुरक्षा मानक तय किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
ममता बनर्जी की मांग का किया समर्थन
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उठाए गए सवालों का समर्थन करते हुए कहा कि विमान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जो चिंताएं व्यक्त की गई हैं, वे पूरी तरह उचित हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर ठोस नीति बनानी चाहिए।
पहले भी देश खो चुका है कई बड़े नेता
अखिलेश यादव ने कहा कि देश पहले भी इस तरह के हादसों में कई बड़े और महान नेताओं को खो चुका है। हर दुर्घटना के बाद सवाल तो उठते हैं, लेकिन अक्सर जांच के नतीजे सामने नहीं आ पाते। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि केवल संवेदना जताने तक सीमित न रहा जाए, बल्कि ऐसी घटनाओं से सबक लेकर भविष्य के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाई जाए।
भविष्य में हादसों को रोकने की जरूरत
सपा प्रमुख ने कहा कि यदि समय रहते विमानन सुरक्षा से जुड़े नियमों में सुधार किए जाएं और जांच प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए, तो भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाए जाएं।



