
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव मुंबई : फडणवीस के बयान पर सियासी बवाल।
मुंबई में आयोजित इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कई बड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। मराठा आरक्षण से लेकर वोट चोरी और विपक्ष के आरोपों तक, उन्होंने बेबाक अंदाज में जवाब दिए। हालांकि कार्यक्रम के दौरान दिया गया उनका एक बयान अब राजनीतिक हलचल का कारण बन गया है।
मराठा आरक्षण पर स्पष्ट रुख
फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार मराठा समाज की भावनाओं का सम्मान करती है और उनके आरक्षण की मांग को संवैधानिक तरीके से पूरा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दोहराया कि कोई भी कदम ऐसा नहीं उठाया जाएगा जिससे भविष्य में यह फैसला कानूनी जटिलताओं में फंस जाए।
वोट चोरी पर विपक्ष पर पलटवार
विपक्ष के वोट चोरी और ईवीएम गड़बड़ी के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। फडणवीस ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला ही अंतिम है। चुनाव हारने पर विपक्ष को आत्ममंथन करना चाहिए, न कि संस्थाओं और मशीनों पर सवाल उठाने चाहिए।
नेपाल वाला बयान और विवाद
एक सवाल के जवाब में उन्होंने तंज कसते हुए कहा –
“जिन लोगों को नेपाल के Gen-Z से बहुत मोहब्बत है, उन्हें वहीं जाकर रहना चाहिए।”
यह टिप्पणी सुनकर मंच पर मौजूद लोग चौंक गए और फिर सोशल मीडिया पर यह बयान तेजी से वायरल हो गया।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने इस टिप्पणी की आलोचना की। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सत्ता पक्ष जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की बयानबाजी करता है। उनका आरोप है कि फडणवीस को युवाओं की परेशानियों, बेरोजगारी और महंगाई पर बोलना चाहिए था, लेकिन उन्होंने विषयांतर करके राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की।
सोशल मीडिया पर हलचल
सोशल मीडिया पर फडणवीस का बयान चर्चा का केंद्र बन गया है। कुछ यूजर्स ने उनके बयान को स्ट्रॉन्ग रिप्लाई बताते हुए समर्थन किया तो कई अन्य लोगों ने इसे अनुचित और गैर-जरूरी करार दिया। ट्विटर (X) और फेसबुक पर #Fadnavis और #Nepal ट्रेंड करने लगे।
राजनीतिक विश्लेषण
विशेषज्ञों का मानना है कि फडणवीस का यह बयान चुनावी रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। एक तरफ वे मराठा आरक्षण जैसे गंभीर मुद्दे पर संतुलित और कानूनी समाधान की बात कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर नेपाल से जुड़ी टिप्पणी ने माहौल को राजनीतिक रंग दे दिया। इससे साफ है कि बीजेपी विपक्ष को घेरने के लिए राष्ट्रवाद और युवा राजनीति दोनों पर एक साथ खेल रही है।



