केंद्रीय बजट 2026: विकास, रोजगार और मध्यम वर्ग को राहत का संतुलित रोडमैप।

केंद्रीय बजट 2026: विकास, रोजगार और मध्यम वर्ग को राहत का संतुलित रोडमैप।
नई दिल्ली से विशेष रिपोर्ट
केंद्र सरकार ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश किया। बजट में विकास की रफ्तार बनाए रखने, रोजगार सृजन को गति देने और महंगाई से जूझ रहे मध्यम वर्ग को राहत देने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े निवेश की घोषणा की है। साथ ही किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए नई योजनाओं का ऐलान किया गया है।
आर्थिक विकास पर फोकस
बजट में आर्थिक विकास को रफ्तार देने के लिए पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) बढ़ाने की घोषणा की गई है। सरकार का मानना है कि सड़कों, रेलवे, मेट्रो, बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स में निवेश से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्यों के साथ मिलकर इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने की रणनीति पेश की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली और इंटरनेट कनेक्टिविटी को विस्तार देने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
किसानों के लिए राहत और नई पहल
कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए सिंचाई परियोजनाओं, भंडारण क्षमता और कोल्ड स्टोरेज नेटवर्क के विस्तार की घोषणा की गई है। सरकार ने फसल बीमा योजना को और सरल बनाने तथा किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए बैंकों को निर्देश देने की बात कही है। जैविक खेती, मोटे अनाज और कृषि-स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने की उम्मीद जताई गई है।
युवाओं और रोजगार पर जोर
बजट में युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को विस्तार देने का ऐलान हुआ है। आईटीआई, पॉलिटेक्निक और उच्च शिक्षण संस्थानों में आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। स्टार्टअप और एमएसएमई सेक्टर को सस्ती ऋण सुविधा देने, क्रेडिट गारंटी योजना के विस्तार और नई औद्योगिक क्लस्टर नीति की घोषणा की गई है। सरकार का दावा है कि इससे लाखों नए रोजगार सृजित होंगे।
मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत
आयकर स्लैब में आंशिक राहत देकर मध्यम वर्ग को राहत देने की घोषणा की गई है। कर प्रणाली को सरल बनाने और डिजिटल फाइलिंग को और सुविधाजनक बनाने की बात कही गई है। वेतनभोगी वर्ग के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन और कुछ छूटों में बढ़ोतरी से घर की बचत बढ़ने की उम्मीद है। सरकार ने कहा कि कर आधार बढ़ाकर राजस्व बढ़ाने की रणनीति अपनाई जाएगी ताकि ईमानदार करदाताओं पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता
स्वास्थ्य बजट में बढ़ोतरी कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को सुदृढ़ करने की घोषणा की गई है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में टेलीमेडिसिन और मोबाइल हेल्थ यूनिट्स के विस्तार की योजना रखी गई है। शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म, सरकारी स्कूलों के उन्नयन और उच्च शिक्षा में रिसर्च फंड बढ़ाने की बात कही गई है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
महिलाओं और सामाजिक कल्याण पर जोर
बजट में महिलाओं के स्वावलंबन के लिए स्वयं सहायता समूहों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता, महिला उद्यमियों को कम ब्याज पर ऋण और पोषण कार्यक्रमों के विस्तार की घोषणा की गई है। गरीब और कमजोर वर्गों के लिए आवास, स्वच्छ जल और स्वच्छता योजनाओं के बजट में बढ़ोतरी की गई है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं को और प्रभावी बनाने का भी प्रावधान रखा गया है।
डिजिटल इंडिया और टेक्नोलॉजी
डिजिटल इंडिया मिशन के तहत सरकारी सेवाओं को और अधिक ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने की योजना पेश की गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विशेष फंड की घोषणा हुई है। स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए इनोवेशन हब और रिसर्च ग्रांट्स दिए जाएंगे।
वित्तीय अनुशासन और राजकोषीय संतुलन
सरकार ने राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। अनुत्पादक खर्च में कटौती कर पूंजीगत निवेश बढ़ाने की रणनीति अपनाई गई है। साथ ही विनिवेश और सार्वजनिक उपक्रमों के पुनर्गठन से राजस्व जुटाने की योजना बताई गई है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और जन-प्रतिक्रिया
बजट पर सत्तारूढ़ दल ने इसे “विकास और समावेशी भारत की दिशा में मजबूत कदम” बताया है। वहीं विपक्ष ने महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं पर पर्याप्त ठोस उपाय न होने का आरोप लगाया है। आम जनता और उद्योग जगत की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। उद्योग संगठनों ने इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप समर्थन का स्वागत किया है, जबकि कुछ वर्गों ने टैक्स राहत को और बढ़ाने की मांग की है।
केंद्रीय बजट 2026 को सरकार ने विकास और सामाजिक संतुलन का बजट बताया है। इसमें दीर्घकालिक विकास, रोजगार सृजन और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में कई अहम घोषणाएं की गई हैं। हालांकि, इन घोषणाओं का वास्तविक असर जमीन पर क्रियान्वयन की गति और पारदर्शिता पर निर्भर करेगा। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि बजट आम आदमी की जिंदगी में कितनी ठोस राहत ला पाता है।



