आज पेश होगा आम बजट 2026: महंगाई, रोजगार और विकास पर टिकीं देश की निगाहें

आज पेश होगा आम बजट 2026: महंगाई, रोजगार और विकास पर टिकीं देश की निगाहें
वित्त मंत्री संसद में रखेंगी बजट प्रस्ताव, मध्यम वर्ग, किसानों, युवाओं और उद्योग जगत को बड़ी राहत की उम्मीद।
लखनऊ/नई दिल्ली।
आज संसद में आम बजट 2026 पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले इस बजट को लेकर देशभर में जबरदस्त उत्सुकता है। बीते कुछ वर्षों में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी की चिंता, किसानों की आय, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों पर जनता सरकार से ठोस कदमों की उम्मीद कर रही है। ऐसे में यह बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आम आदमी की जेब और देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
महंगाई पर काबू की उम्मीद
आम जनता के लिए सबसे बड़ा सवाल महंगाई का है। खाद्य पदार्थों, ईंधन और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। उम्मीद की जा रही है कि सरकार टैक्स में राहत, सब्सिडी और सप्लाई चेन को मजबूत करने जैसे कदमों से महंगाई पर काबू पाने की दिशा में ठोस ऐलान कर सकती है। रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और आवश्यक वस्तुओं पर कर में राहत देने की संभावनाओं पर भी चर्चा है।
मध्यम वर्ग को राहत की आस
बजट से सबसे ज्यादा उम्मीद मध्यम वर्ग को रहती है। इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव, स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने, होम लोन और एजुकेशन लोन पर अतिरिक्त छूट जैसे प्रस्तावों पर नजरें टिकी हैं। बीते वर्षों में जीवनयापन की लागत बढ़ने से मध्यम वर्ग पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। ऐसे में टैक्स में राहत मिलने से लोगों की बचत और खर्च करने की क्षमता दोनों बढ़ सकती हैं, जिससे अर्थव्यवस्था को भी रफ्तार मिलेगी।
किसानों के लिए क्या होगा खास
कृषि क्षेत्र देश की रीढ़ है। किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर सरकार लगातार योजनाएं चला रही है। इस बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर स्पष्ट नीति, सिंचाई परियोजनाओं के लिए अधिक बजट, फसल बीमा योजना को मजबूत करने और कृषि उपकरणों पर सब्सिडी बढ़ाने जैसे ऐलानों की उम्मीद है। साथ ही ग्रामीण सड़कों, भंडारण सुविधाओं और कोल्ड स्टोरेज पर निवेश बढ़ाने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा।
रोजगार और युवाओं के लिए अवसर
देश की बड़ी आबादी युवा है और रोजगार सृजन इस बजट का अहम एजेंडा माना जा रहा है। स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन, एमएसएमई सेक्टर के लिए सस्ती ऋण सुविधा, स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों का विस्तार और नई औद्योगिक नीतियों के जरिए नौकरियों के अवसर बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है। आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने से युवाओं को रोजगार के नए रास्ते मिल सकते हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस
कोरोना महामारी के बाद स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की जरूरत और बढ़ गई है। सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने, नए मेडिकल कॉलेज खोलने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बजट में अतिरिक्त प्रावधान हो सकते हैं। वहीं शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा, स्कूलों की आधारभूत संरचना सुधारने और उच्च शिक्षा में शोध व नवाचार के लिए फंड बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।
बुनियादी ढांचे पर निवेश
सरकार बीते वर्षों से इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देती आ रही है। सड़क, रेल, मेट्रो, एयरपोर्ट और बंदरगाह परियोजनाओं के लिए बड़े निवेश की संभावना है। इससे न सिर्फ देश के विकास को गति मिलेगी, बल्कि निर्माण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा होंगे। स्मार्ट सिटी, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान से जुड़े प्रोजेक्ट्स को भी बजट में प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है।
उद्योग और निवेशकों की निगाहें
उद्योग जगत टैक्स में स्थिरता, निवेश के लिए अनुकूल माहौल और नीतिगत सुधारों की उम्मीद कर रहा है। विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए नियमों में सरलता, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देने के लिए विशेष पैकेज की घोषणा संभव है। छोटे और मझोले उद्योगों को राहत देने से अर्थव्यवस्था की जड़ें और मजबूत होंगी।
राज्यों के लिए खास प्रावधान
बजट में राज्यों को मिलने वाली वित्तीय सहायता भी अहम मुद्दा है। केंद्र और राज्यों के बीच संसाधनों के बेहतर बंटवारे से विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने में मदद मिलेगी। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और शिक्षा परियोजनाओं में विशेष पैकेज की उम्मीद जताई जा रही है।
राजनीतिक और आर्थिक महत्व
यह बजट न सिर्फ आर्थिक दृष्टि से बल्कि राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में विभिन्न राज्यों में होने वाले चुनावों को देखते हुए सरकार जनहितकारी घोषणाओं के जरिए जनता को साधने की कोशिश कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित बजट पेश कर सरकार विकास और कल्याणकारी योजनाओं के बीच तालमेल बैठाने की कोशिश करेगी।
आज पेश होने वाला आम बजट 2026 देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला दस्तावेज साबित हो सकता है। महंगाई पर नियंत्रण, रोजगार सृजन, किसानों और मध्यम वर्ग को राहत, शिक्षा-स्वास्थ्य में निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे मुद्दों पर सरकार के फैसलों पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। बजट से यह तय होगा कि आने वाले वर्ष में आम आदमी की जिंदगी कितनी आसान होगी और देश की विकास यात्रा किस दिशा में आगे बढ़ेगी।



