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प्रधानमंत्री मोदी जन्मदिन पर धार से करेंगे “आदि सेवा पर्व” की शुरुआत, तीन लाख कर्मयोगियों को मिलेगा प्रशिक्षण।

प्रधानमंत्री मोदी जन्मदिन पर धार से करेंगे “आदि सेवा पर्व” की शुरुआत, तीन लाख कर्मयोगियों को मिलेगा प्रशिक्षण।

धार। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने 74वें जन्मदिन 17 सितम्बर को मध्यप्रदेश के धार जिले के भैसोला गाँव में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इस मौके पर वे देशव्यापी “आदि सेवा पर्व” की नींव रखेंगे। यह पर्व दो अक्टूबर तक चलेगा और इसका मकसद जनजातीय समाज को सशक्त बनाना और उनकी जीवनशैली को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

आदि सेवा पर्व का महत्व

“आदि सेवा पर्व” सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि सेवा और समाज परिवर्तन की पहल है। यह कार्यक्रम जनजातीय समुदायों की समस्याओं और जरूरतों पर फोकस करेगा। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है। इस पहल से आदिवासी क्षेत्रों में नई ऊर्जा और विकास की संभावनाएं पैदा होंगी।

तीन लाख कर्मयोगियों की भागीदारी

इस पर्व की सबसे खास बात यह है कि इसमें देशभर से करीब तीन लाख कर्मयोगी शामिल होंगे। इन कर्मयोगियों को प्रशिक्षण देकर गांव-गांव भेजा जाएगा ताकि वे लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ सकें और समाज को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगदान कर सकें। माना जा रहा है कि यह कार्यबल आदिवासी इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में बड़ा बदलाव ला सकता है।

जनजातीय क्षेत्रों पर फोकस

स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे ताकि दूरदराज के गाँवों तक चिकित्सा सुविधाएँ पहुँच सकें।

बच्चों और युवाओं के लिए शिक्षा एवं डिजिटल लर्निंग की पहल को बढ़ावा मिलेगा।

पोषण अभियान चलाकर कुपोषण से लड़ने की कोशिश होगी।

महिलाओं और युवाओं को स्वरोज़गार के लिए कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जल स्रोतों के संरक्षण और पर्यावरण की रक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मोदी का आदिवासी समाज से जुड़ाव

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यकाल में आदिवासी समुदाय के उत्थान को हमेशा प्राथमिकता दी है। चाहे वन धन योजना हो, एकलव्य मॉडल स्कूलों की स्थापना या जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देना—हर पहल का लक्ष्य आदिवासी समाज को विकास की धारा में आगे बढ़ाना रहा है।

जन्मदिन पर सेवा का संकल्प

प्रधानमंत्री मोदी हर वर्ष अपना जन्मदिन “सेवा दिवस” के रूप में मनाते हैं। इस बार भी उनका संदेश यही है कि जन्मदिन सिर्फ उत्सव का नहीं, बल्कि समाज के लिए सेवा और बदलाव का अवसर है। धार से शुरू हो रहा “आदि सेवा पर्व” आदिवासी क्षेत्रों में नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।

इस तरह, प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन इस बार न सिर्फ उनके लिए विशेष होगा, बल्कि लाखों आदिवासी परिवारों के लिए भी आशा और नई संभावनाओं का पर्व बनकर आएगा।

 

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